
नई दिल्ली (PIB):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 19वें रोजगार मेले में विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नव नियुक्त युवाओं को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए इस अवसर को देश भर के हजारों युवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने सरकारी सेवा में नए प्रवेशकों का स्वागत करते हुए रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “आने वाले वर्षों में आप सभी विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए नव-नियुक्तों के समर्पण और अथक परिश्रम की सराहना करते हुए प्रत्येक नियुक्त व्यक्ति को हार्दिक बधाई दी। यह मानते हुए कि कोई भी व्यक्तिगत उपलब्धि अपने आप में पूर्ण नहीं होती, उन्होंने उन परिवारों और अभिभावकों को भी शुभकामनाएं दीं जिनका सहयोग इस पूरी यात्रा में अपरिहार्य रहा।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न पांच देशों की राजनयिक यात्रा की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दर्जनों देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले वैश्विक निगमों के नेताओं ने भारत के युवाओं और तकनीकी प्रगति के प्रति उत्साह दिखाया है। उन्होंने भारत के उत्थान में भागीदार बनने के लिए विश्व में उत्सुकता का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा, “विश्व भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहता है।”
प्रधानमंत्री ने इस दौरे के कूटनीतिक और आर्थिक परिणामों के बारे में विस्तार से बताते हुए प्रत्येक देश के साथ हुए क्षेत्र-विशिष्ट समझौतों और वार्ताओं का उल्लेख दिया। इनमें नीदरलैंड के साथ सेमीकंडक्टर, जल, कृषि और उन्नत विनिर्माण पर चर्चा; स्वीडन के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में सहयोग पर बातचीत; नॉर्वे के साथ हरित प्रौद्योगिकी और समुद्री सहयोग पर चर्चा; संयुक्त अरब अमीरात के साथ रणनीतिक ऊर्जा और प्रौद्योगिकी साझेदारी पर समझौते ज्ञापन; और इटली के साथ रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर समझौते शामिल थे। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां विशेष रूप से युवाओं के हित में की गई हैं। श्री मोदी ने कहा, “इनका उद्देश्य भारत के युवाओं को रोजगार और वैश्विक अनुभव प्रदान करना है।”
प्रधानमंत्री ने रोजगार सृजन के लिए प्रत्येक समझौते के प्रत्यक्ष महत्व को बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक नया निवेश, प्रत्येक तकनीकी साझेदारी और प्रत्येक औद्योगिक सहयोग से अंततः भारत के युवाओं के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने इन सहयोगों के दीर्घकालिक महत्व के बारे में भी बताया। श्री मोदी ने कहा, “ये वे क्षेत्र हैं जो अगले 25 वर्षों में वैश्विक विकास को परिभाषित करने वाले उद्योगों को आकार देंगे।”
प्रधानमंत्री ने एएसएमएल-टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स समझौते को भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में बढ़ती प्रतिष्ठा का ठोस उदाहरण बताते हुए कहा कि डच सेमीकंडक्टर कंपनी एएसएमएल ने जिन चुनिंदा देशों के साथ समझौता किया है, उनमें भारत भी शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर स्वीडन के साथ साझेदारी और सुपरकंप्यूटिंग पर यूएई के साथ सहयोग से भी भारत की तकनीकी क्षमताओं को मजबूती मिलेगी। श्री मोदी ने कहा, “यह अकेला एएसएमएल-टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स समझौता ही भारत में हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।”
प्रधानमंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, हरित हाइड्रोजन और सतत् विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाओं के तेजी से विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि हरित परिवर्तन और सतत् प्रौद्योगिकी में स्वीडन, नॉर्वे और इटली के साथ बढ़ते सहयोग से भारत भविष्य के स्वच्छ विनिर्माण उद्योगों में मजबूत स्थिति में होगा। श्री मोदी ने कहा, “ये साझेदारियां एक नई अर्थव्यवस्था और नए अवसरों के द्वार खोल रही हैं।”
प्रधानमंत्री ने पत्तनो, पोत परिवहन और समुद्री अवसंरचना समझौतों पर चल रहे त्वरित कार्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और नॉर्वे के साथ साझेदारी से भारत के जहाज निर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी जिससे देश के इंजीनियरों, तकनीशियनों और कुशल श्रमिकों को नए अवसर मिलेंगे। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, “भारत के इंजीनियरों, तकनीशियनों और कुशल श्रमिकों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नई साझेदारी भारतीय स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और युवा पेशेवरों के लिए वैश्विक संपर्क को बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि आज विश्व उन देशों का सम्मान करता है जो देश नवाचार करते हैं, निर्माण करते और बड़े पैमाने पर परिणाम देते हैं। उन्होंने इस बात पर गर्व किया कि भारत इन तीनों क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। श्री मोदी ने कहा, “इस परिवर्तन के पीछे सबसे बड़ी शक्ति भारत के युवा हैं, आप सभी।”
प्रधानमंत्री ने इस अवसर को व्यापक राष्ट्रीय मिशन के संदर्भ में रखते हुए 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प की बात की और कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश से इस महत्वाकांक्षा के परिणामस्वरूप लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। श्री मोदी ने कहा, “इस निवेश से देश के युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे है।”
प्रधानमंत्री ने भारत के उभरते सेमीकंडक्टर तंत्र का उल्लेख करते हुए घोषणा की कि सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए एक संपूर्ण घरेलू आपूर्ति श्रृंखला बनाई जा रही है और दस प्रमुख सेमीकंडक्टर इकाइयां जल्द ही वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगी। इनमें बड़ी संख्या में युवा भारतीयों को पहले से ही रोजगार मिल रहा है। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, “भारत की सेमीकंडक्टर इकाइयां विश्व में अपनी पहचान बनाएंगी।”
प्रधानमंत्री ने लगभग 75,000 करोड़ रुपये के निवेश से भारत में जहाज निर्माण, जहाज की मरम्मत और नवीनीकरण तंत्र के विस्तार की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए, संपूर्ण एमआरओ (रख-रखाव, जांच एवं मरम्मत की सुविधाओं) तंत्र के विकास का भी उल्लेख किया। इससे विमानन क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएंगे। श्री मोदी ने कहा, “भारत के युवाओं के लिए रोजगार का एक नया क्षेत्र खुलने जा रहा है।”
प्रधानमंत्री ने भारत के एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता के रूप में उभरने का उल्लेख करते हुए उत्पादन-से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) को रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का मुख्य कारण बताया और कहा कि इससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं, साथ ही संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला का निर्माण देश में ही हो रहा है। श्री मोदी ने कहा, “पीएलआई योजना के परिणामस्वरूप देश में रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन हो रहा है।”
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर देते हुए कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्र मिलकर इन अनेक पहलों में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं, नव नियुक्त सरकारी कर्मचारियों से व्यापार और उद्यम को सुगम बनाने में अपनी भूमिका के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। श्री मोदी ने कहा, “व्यापार में सुगमता देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
प्रधानमंत्री ने रोजगार सृजन और समावेशी विकास को गति देने में बुनियादी ढांचे की अहम भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रगति का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब गांवों, छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को विकास से जोड़ा जाता है। श्री मोदी ने कहा, “जब गांव और दूरदराज के क्षेत्र विकास से जुड़ते हैं, तो देश की प्रगति का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचता है।”
प्रधानमंत्री ने पिछले बारह वर्षों में निर्मित बुनियादी ढांचे- रेलवे, राजमार्ग, हवाई अड्डे, रसद, पत्तन और डिजिटल नेटवर्क की व्यापकता का उल्लेख करते हुए कहा कि संपर्क से किसानों, छोटे व्यापारियों और छात्रों के लिए समान रूप से नए अवसर खुले हैं और यह परिवर्तन अब भारत के गांवों को भी स्पष्ट रूप से नया रूप दे रहा है। श्री मोदी ने कहा, “गांवों में भी तेजी से बदलाव होता दिख रहा है।”
प्रधानमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों भारतीय परिवारों को उपलब्ध कराई गई बुनियादी सुविधाओं – स्थायी आवास, घरों में शौचालय, बिजली और नल के पानी – के व्यापक सामाजिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए, कहा कि ये मूलभूत परिवर्तन केवल सुविधा तक ही सीमित नहीं हैं। श्री मोदी ने कहा, “इन परिवर्तनों का प्रभाव केवल सुविधा तक ही सीमित नहीं है।”
ग्रामीण सड़कों, बेहतर विद्युत आपूर्ति और डिजिटल कनेक्टिविटी ने आर्थिक गतिविधियों को कई गुना बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे बाजारों तक पहुंच आसान हुई है, छोटे उद्यमों को फलने-फूलने का अवसर मिला है और गांवों को नए डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इन परस्पर जुड़े सुधारों ने मिलकर भारत की अर्थव्यवस्था को गति दी है और नए रोजगार के लाखों अवसर पैदा किए हैं। श्री मोदी ने कहा, “इन सभी का रोजगार सृजन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।”
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, डिजिटल सेवाएं, रेलवे, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में आज भारत के युवाओं के लिए उपलब्ध अवसर देश के इतिहास में अभूतपूर्व हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि अधिक से अधिक युवा इन अवसरों का लाभ उठा सकें और अपनी प्रतिभा का पूर्ण प्रदर्शन कर सकें। श्री मोदी ने कहा, “आज भारत के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के जो अवसर प्राप्त हैं, वे पहले कभी नहीं थे।”
प्रधानमंत्री ने कौशल विकास, उद्योग-आधारित शिक्षा और भविष्य की प्रौद्योगिकी, आईटीआई के आधुनिकीकरण, राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को सुदृढ़ करना और पीएम सेतु पहल का क्रियान्वयन में सरकार के निरंतर निवेश की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था की गति से तालमेल बिठाने के लिए निरंतर तैयारी के महत्व पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “कौशल विकास, उद्योग-आधारित शिक्षा और भविष्य की प्रौद्योगिकी पर निरंतर जोर दिया जा रहा है।”
प्रधानमंत्री ने देश भर में स्वरोजगार और उद्यमिता की एक नई संस्कृति के उदय का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप तंत्र बन गया है, जिसमें 2.3 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं, और यह परिवर्तन अब केवल महानगरों तक ही सीमित नहीं है। श्री मोदी ने कहा, “यह बदलाव केवल बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है।”
प्रधानमंत्री ने गर्व करते हुए कहा कि दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों के युवा बड़ी संख्या में स्टार्टअप और नवाचार की दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं और यह आंदोलन राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। उन्होंने इस उद्यमशीलता की लहर में भारत की महिलाओं की बढ़ती और निर्णायक भूमिका का उल्लेख किया। मुद्रा योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं द्वारा सक्षम आत्मनिर्भरता को स्वीकार करते हुए श्री मोदी ने कहा, “आज गांवों और छोटे शहरों में पहले से कहीं अधिक महिलाएं पूरी तरह से अपने दम पर नए उद्यम शुरू कर रही हैं।”
प्रधानमंत्री ने नए नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्हें याद दिलाया कि किसी भी संस्था की असली ताकत उसके कर्मचारियों में निहित होती है, और जिस व्यवस्था में वे शामिल हो रहे हैं, वह करोड़ों नागरिकों के जीवन से सीधे और गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी सबसे पहले लोगों के जीवन को आसान बनाने का एक माध्यम है। श्री मोदी ने कहा, “आप जिस भी विभाग में सेवा करें, आपका व्यवहार, सहानुभूति और कार्यशैली अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।”
प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों पर राष्ट्र के भरोसे को दोहराते हुए प्रत्येक युवा कर्मयोगी से अपने पद को एक जीवंत जिम्मेदारी के रूप में देखने, भारत की जनता की बढ़ती आकांक्षाओं को समझने और उसी के अनुरूप अपना काम करने का आह्वान किया। श्री मोदी ने कहा, “अब यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने काम के माध्यम से उस भरोसे को मजबूत करें।”
प्रधानमंत्री ने नए सरकारी कर्मचारियों से आजीवन सीखने और नई तकनीकों, प्रणालियों और बदलती अवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर ढलने का आग्रह करते हुए, आई गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म और कर्मयोगी प्रारंभ मॉड्यूल की सराहना की और इन्हें उनके दायित्वों को आत्मविश्वास से समझने और निभाने में सहायक शक्तिशाली माध्यम बताया। श्री मोदी ने कहा, “मैं आप सभी से इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह करता हूं।”
प्रधानमंत्री ने प्रेरणादायक आह्वान के साथ अपने संबोधन का समापन करते हुए पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि आज नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं में वही भावना और ऊर्जा समाहित है जिसके साथ भारत के युवा विश्व भर में प्रत्येक क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं, और यही भावना उनकी सार्वजनिक सेवा को प्रेरित करेगी। श्री मोदी ने कहा, “विकसित भारत का निर्माण उन युवाओं के प्रयासों से होगा जो अपने कार्य को राष्ट्र सेवा का माध्यम मानते हैं।”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के समापन में पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि नव नियुक्त पदाधिकारी भारत के विकास पथ को नई गति प्रदान करेंगे और उनके कार्यों एवं निर्णयों से विकसित भारत का संकल्प साकार होगा। उन्होंने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
