देश के नाम संबोधन में PM बोले- विपक्ष की वजह से नारी शक्ति कानून अटका

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नई दिल्ली (SHABD): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम’ को समय की मांग बताया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा, तृणमूल और DMK जैसी परिवारवादी पार्टियों के दलगत हित देशहित पर भारी पड़े, जिसके कारण यह संशोधन अधिनियम आवश्यक समर्थन हासिल नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि संसद में जब इस अधिनियम को जरूरी मत नहीं मिला, तब विपक्षी दलों के जश्न मनाने से उन्हें दुख हुआ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर यह विधेयक संसद से पारित हो जाता तो यह एक ऐतिहासिक क्षण होता, लेकिन DMK, टीएमसी, सपा सहित कांग्रेस ने यह अवसर गंवा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस उपलब्धि का श्रेय विपक्ष को देने के लिए भी तैयार थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को महिलाओं के दशकों के संघर्ष को देखते हुए अपना रुख बदलना चाहिए और अपनी गलतियों को सुधारना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को सुधारों का विरोधी बताते हुए कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ हो या GST, कांग्रेस ने हर पहल का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक अनिर्णय वाली पार्टी है, जो फैसलों को लटकाने, अटकाने और भटकाने में विश्वास करती है।

परिसीमन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी राज्यों को वर्तमान अनुपात के अनुसार प्रतिनिधित्व मिलता, लेकिन कांग्रेस ने इस पर भ्रम फैलाया और ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और महिला बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा सहित अन्य महिला जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।