
रायपुर 14 अप्रैल :वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया।
समरसता भोज: जातिगत भेदभाव मिटाने की पहल
सांसद श्री अग्रवाल भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) द्वारा टिकरापारा स्थित बालक छात्रावास में आयोजित ‘समरसता भोज’ में शामिल हुए। यहाँ उन्होंने युवाओं के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे सीधा संवाद किया।
इस अवसर पर उन्होंने समाज में एकता और समानता का संदेश देते हुए कहा कि , “आज भारत रत्न बाबासाहेब अंबेडकर जी की जयंती है और बाबासाहेब अंबेडकर जी ने पूरे देश में एकरूपता, समरूपता और समरसता का संदेश दिया था कि हमारे संविधान में कोई छोटा नहीं है, कोई बड़ा नहीं है, सब बराबर हैं और सबको एक वोट का अधिकार दिया था। और इसलिए आज भी कहीं न कहीं थोड़ा बहुत लोगों में भेदभाव या जातिगत भावना है, उसको दूर करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने यह तय किया कि ‘समरसता भोज’ का आयोजन ऐसे स्थानों पर करेंगे और उसके माध्यम से एक समरसता का संदेश देंगे। और उसी के तहत आज यह टिकरापारा SC छात्रावास में हमारे भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा में अर्पित सूर्यवंशी जी, उनके नेतृत्व में समरसता भोज का आयोजन किया गया और मेरा सौभाग्य है कि उसमें मुझे भी शामिल होने का अवसर मिला।”
प्रतिमा अनावरण: नई पीढ़ी के लिए प्रेरणापुंज
इसके पश्चात, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल रायपुर के कचहरी चौक पहुंचे, जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के साथ छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी, 21 फीट ऊँची बाबा साहेब की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि रायपुर के हृदय स्थल में स्थापित यह विशाल प्रतिमा हमारी नई पीढ़ी को सदैव बाबा साहेब के संघर्षों और उनके महान आदर्शों की याद दिलाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि ,”बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से हमें वह शक्ति और अधिकार दिए हैं, जिसके कारण आज हम लोकतंत्र के इस मंच पर जनप्रतिनिधि के रूप में सेवा कर पा रहे हैं। यदि बाबा साहेब और उनका दिया संविधान न होता, तो शायद हम आज सांसद, मंत्री या विधायक के रूप में यहाँ उपस्थित न होते।”
कार्यक्रम में भाजयुमो के पदाधिकारी, भारी संख्या में छात्र एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने बाबा साहेब के जयकारों के साथ समरस समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
