शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह के शहादत दिवस पर माल्यार्पण कर किया स्मरण

रायपुर। देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले युवाओं के प्रेरणास्रोत शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह जी, सुखदेव एवं राजगुरु की शहादत के 97वें शहीद दिवस के अवसर पर भगत सिंह चौक में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने माल्यार्पण कर महान क्रांतिकारियों को नमन किया।

कार्यक्रम में रायपुर दक्षिण के विधायक श्री सुनील सोनी, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, पूर्व विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, नगर निगम संस्कृति विभाग के एमआईसी सदस्य श्री अमर गिदवानी, पार्षद श्री अवतार बागल, छत्तीसगढ़ सिख संगठन के अध्यक्ष श्री दलजीत चावला, छत्तीसगढ़ सिख समाज संगठन के अध्यक्ष श्री सुखबीर सिंहोत्रा, छत्तीसगढ़ सिख काउंसिल के महासचिव श्री गगनदीप हंसपाल, श्री मोनू सलूजा, श्री लवली अरोरा, श्री बंटी चावला, श्री अमरजीत सिंह संधू सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर तेलीबांधा मरीन ड्राइव से “माय भारत मेरी जिम्मेदारी” पदयात्रा राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा के नेतृत्व में निकाली गई। पदयात्रा में माय भारत के राज्य निदेशक श्री अर्पित तिवारी, दुर्गा कॉलेज एनएसएस अधिकारी श्रीमती सुनीता चंसौरिया, श्री सौमित्र साहा, तनिष्क, उत्कर्ष, मयंक सहित दुर्गा कॉलेज, साइंस कॉलेज, गुरुकुल कॉलेज एवं अन्य महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पदयात्रा तेलीबांधा मरीन ड्राइव से प्रारंभ होकर भगत सिंह चौक पहुंची, जहां पुष्पवर्षा कर पदयात्रियों का भव्य स्वागत किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी के विचार आज भी युवाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे। उन्होंने बहुत कम उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है। उनके त्याग, साहस और देशभक्ति से आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि हमें केवल शहीदों को स्मरण करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर समाज और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। ऐसे आयोजन युवाओं में देशभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जागरूकता की भावना को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के संकल्प एवं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया।