
नई दिल्ली(PIB) : रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार ने 26 एवं 27 फरवरी, 2026 को रोम की अपनी यात्रा के दौरान इटली के रक्षा उप सचिव श्री माटेओ पेरेगो डि क्रेमनागो से मुलाकात की। इसके अलावा राष्ट्रीय आयुध निदेशक एडमिरल जियासिंटो ओटावियानी और इतालवी रक्षा बलों के प्रमुख जनरल लुसियानो पोर्टोलानो के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इटली के रक्षा उप सचिव के साथ हुई बैठक में दोनों देशों ने अपनी-अपनी मजबूत रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण हेतु उद्योग जगत के बीच साझेदारी को प्रोत्साहित करने की साझा प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
राष्ट्रीय आयुध निदेशक और इतालवी रक्षा बलों के प्रमुख के साथ हुई बैठकों के दौरान, दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग को द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ बताया। साथ ही, उन्होंने रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच तालमेल स्थापित करने और आपसी संबंधों को सुदृढ़ कर औद्योगिक सहयोग को विस्तार देने के महत्व पर भी सहमति व्यक्त की।
रक्षा उत्पादन सचिव और राष्ट्रीय शस्त्र निदेशक ने भारत-इटली रक्षा उद्योग संगोष्ठी में मुख्य भाषण दिए, जिनमें दोनों देशों के बीच साझेदारी के लिए एक दूरदर्शी एजेंडा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर संजीव कुमार ने भारत में रक्षा खरीद हेतु उपलब्ध नीतिगत ढांचे, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से संबंधित मानदंडों तथा रक्षा औद्योगिक गलियारों का विस्तार से उल्लेख किया।
दोनों पक्षों ने इस बात पर ध्यान दिया कि जनवरी 2026 में हस्ताक्षरित भारत-ईयू सुरक्षा और रक्षा साझेदारी भारतीय रक्षा कंपनियों को यूरोपीय संघ की रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं में भाग लेने के नए अवसर प्रदान करती है।
भारतीय और इटली रक्षा उद्योगों ने संयुक्त उद्यमों, प्रौद्योगिकी साझेदारियों और सह-विनिर्माण पहलों की संभावनाओं को तलाशने के लिए बी2बी बैठकों पर ध्यान केंद्रित किया। इस उद्योग संगोष्ठी ने रोम में अप्रैल 2025 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के आधार पर एसआईडीएम और एआईएडी के बीच संस्थागत सहयोग को भी मजबूत किया।
दूतावास द्वारा आयोजित नेटवर्किंग रिसेप्शन ने सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के नेताओं तथा अन्य प्रमुख हितधारकों के बीच निरंतर संवाद के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया। रक्षा उत्पादन सचिव के साथ सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स के तत्वावधान में एक उद्योग प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित था, जिसमें भारतीय रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, निजी क्षेत्र, लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने यात्रा के दौरान प्रमुख इतालवी रक्षा कंपनियों का भी दौरा किया। चर्चा में संबंधित रक्षा प्रणालियों के बीच तालमेल का लाभ उठाते हुए संयुक्त उद्यम, सह-विकास और सह-उत्पादन के अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
यह दौरा भारत व इटली के बीच रक्षा सहयोग को और अधिक गहरा करने तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में एक विश्वसनीय एवं दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने के प्रति भारत की वचनबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
