बस्तर की नई सुबह : देवगांव पोर्टा केबिन के नौनिहालों ने नुक्कड़ नाटक से जगाई ‘नमो सेवा’ की अलख

रायपुर : कभी माओवाद के साये में सहमे रहने वाले बस्तर के अबुझमाड़ अंचल से अब बदलाव की एक सशक्त और प्रेरणादायी गूंज सुनाई दे रही है। नारायणपुर जिले के देवगांव स्थित पीएम श्री पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालय में “नमो सेवा अनकही कहानियां” अभियान के तहत एक अनूठा और मनमोहक दृश्य देखने को मिला। यहाँ हाथों में किताबें थामने वाले मासूम विद्यार्थियों ने रंगमंच संभालते हुए नुक्कड़ नाटक के जीवंत अभिनय और प्रभावी संवादों के जरिए जनकल्याणकारी योजनाओं की ऐसी धारा बहाई कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इन बच्चों ने केवल कला का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि नारायणपुर को नक्सलमुक्त, शिक्षित और स्वावलंबी बनाने का मजबूत संकल्प भी समाज के सामने रखा।

नुक्कड़ नाटक के मुख्य आकर्षण और संदेश

शासन की फ्लैगशिप योजनाओं की सरल प्रस्तुति से बच्चों ने केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को आमजन के लिए बेहद सरल और बोधगम्य रूप में प्रस्तुत किया।

स्वच्छता और ऊर्जा का संदेश

स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा पीएम-सूर्य घर योजना के जरिए सौर ऊर्जा अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई।

स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा

आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से मिलने वाले मुफ्त इलाज एवं जीवन सुरक्षा कवच के महत्व को रेखांकित किया गया।

आवास व रोजगार सशक्तिकरण

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के आशियाने और पीएम स्वनिधि योजना के जरिए छोटे स्ट्रीट वेंडर्स व स्थानीय व्यवसायियों के सशक्तिकरण का खाका खूबसूरती से खींचा गया।

बस्तर के बदलाव की नई इबारत

इस नाटक का सबसे भावुक और दूरदर्शी पहलू जिले को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में शांति, जनभागीदारी, शिक्षा और विकास का संदेश देना रहा। विद्यार्थियों ने अपनी सशक्त प्रस्तुति से यह साबित कर दिया कि बस्तर का असली बदलाव बंदूक से नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और जनकल्याण की योजनाओं से संभव है। नमो सेवा अनकही कहानियां के इस मंच ने यह सिद्ध कर दिया कि जब दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों के बच्चों को सही मार्गदर्शन मिलता है, तो वे पूरे समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन के सबसे बड़े संवाहक बनकर उभरते हैं।