शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान

जयपुर, 29 सितंबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेश में संचालित ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय द्वारा अस्पतालों के परिसरों एवं आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण एवं नमूनीकरण की कार्रवाई निरंतर जारी है। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच के साथ अवधि-पार एवं अनुपयुक्त खाद्य सामग्री को मौके पर नष्ट करवाया जा रहा है।

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को उपचार के साथ सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के अंदर एवं आसपास संचालित कैंटीन, भोजनालय और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता तथा सुरक्षित भंडारण की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। खाद्य सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नियमानुसार सुधार के निर्देश दिए जाएं।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त श्री अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, लेबलिंग, भंडारण एवं अवधि की जांच के साथ आवश्यकतानुसार नमूने लिए जा रहे हैं। अवधि-पार अथवा अनुपयुक्त खाद्य सामग्री मिलने पर उसे मौके पर नष्ट करवाने तथा नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि जयपुर प्रथम में कांवटिया हॉस्पिटल परिसर तथा जयपुर द्वितीय में बॉम्बे हॉस्पिटल के खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं नमूनीकरण किया गया। बारां में मेडिकल कॉलेज के सामने खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान अनुपयुक्त खाद्य सामग्री नष्ट करवाई गई। अलवर के कल्याण हॉस्पिटल एवं शुभम हॉस्पिटल में अवधि-पार आइसक्रीम एवं खराब फल पाए गए, जिन्हें मौके पर नष्ट करवाया गया। वहीं कोटा के एथॉस हॉस्पिटल की कैंटीन में बिना लेबल की ब्रेड नष्ट करवाई गई।

चूरू के सरदारशहर स्थित न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के पास सिद्धिविनायक मिष्ठान भंडार पर कार्रवाई के दौरान 3 किलोग्राम खराब आलू, 10 किलोग्राम अवधि-पार कोल्ड ड्रिंक एवं 40 किलोग्राम मिठाई, कुल 53 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट करवाई गई। प्रतिष्ठान को सुधार के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया।

इसी प्रकार छोटूलाल राजकीय अस्पताल, सरदारशहर स्थित सरस बूथ नंबर 9 पर अवधि-पार खाद्य सामग्री मिलने पर उसे मौके पर नष्ट करवाया गया तथा सुधार नोटिस की कार्रवाई प्रस्तावित की गई।

इसी प्रकार तिजारा जिला अस्पताल के सामने 45 लीटर अवधि-पार कोल्ड ड्रिंक नष्ट करवाई गई। झुंझुनूं के नवलगढ़ स्थित आभा हॉस्पिटल, टोंक के ओझा हॉस्पिटल तथा बानसूर के राजकीय अस्पताल के पास सुखसागर पवित्र भोजनालय में निरीक्षण एवं नमूनीकरण किया गया।

राजसमंद के पगारिया हॉस्पिटल में अवधि-पार नमकीन एवं प्रयुक्त कुकिंग ऑयल तथा प्रतापगढ़ के खैरोत हॉस्पिटल में 10 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल एवं 5 किलोग्राम पोहे नष्ट करवाए गए।

इसी क्रम में करौली में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिवराज सिंह राजकीय अस्पताल के नजदीक स्थित भोजनालय, भीलवाड़ा के रामस्नेही हॉस्पिटल, भरतपुर के जिंदल हॉस्पिटल तथा फतेहपुर, सीकर में अस्पतालों के आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जोधपुर एम्स हॉस्पिटल के आसपास स्थित भोजनालयों एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की भी सघन जांच की गई।

खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच

अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, लेबलिंग, अवधि, भंडारण, खाद्य तेल के सुरक्षित उपयोग एवं अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। आवश्यकतानुसार खाद्य नमूने लिए जा रहे हैं तथा खराब, अनुपयुक्त एवं अवधि-पार खाद्य सामग्री को नियमानुसार नष्ट करवाया जा रहा है।

आयुक्त ने कहा कि मरीजों एवं आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों के अंदर और आसपास खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी को और प्रभावी बनाया जाएगा। श्री  चतुर्वेदी ने बताया कि विशेष निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान 30 सितंबर तक जारी रहेगा और नियमों की पालना नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।