
लखनऊ (SHABD) :बरेली जिला कारागार में बंदियों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने की पहल जारी है। कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान की प्रेरणा और पुलिस महानिदेशक, कारागार पीसी मीणा के निर्देशन में शिक्षा, सुधार, कौशल विकास और पुनर्वास से जुड़े कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 8 अगस्त से निरक्षर बंदियों के लिए साक्षरता कार्यक्रम शुरू किया गया।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 20 सितंबर को नवसाक्षर बंदियों की परीक्षा कराई गई। परीक्षा में 35 बंदियों ने हिस्सा लिया, जिनमें पांच महिला बंदी भी शामिल रहीं। सफल बंदियों को एनआईओएस की ओर से प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। जेल अधीक्षक आलोक शुक्ला ने बताया कि शिक्षा और कौशल विकास के जरिए बंदियों को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के संचालन में जेल प्रशासन के अधिकारियों के साथ सेवानिवृत्त जेल अधीक्षक मो. अकरम खान का भी सहयोग रहा।
