गया के लाल शैलेंद्र का रूस के इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ यूथ 2026 के लिए चयन

गयाजी (SHABD) : बिहार के गया जिले के खुखड़ी गांव निवासी युवा सामाजिक कार्यकर्ता शैलेंद्र कुमार का रूस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ यूथ (IFY) 2026 के लिए चयन हुआ है। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शैलेंद्र अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद शैलेंद्र कुमार को रूस में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत की ओर से शामिल होने का आधिकारिक आमंत्रण मिला है। रूस सरकार के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ यूथ 2026 का मुख्य आयोजन रूस के येकातेरिनबर्ग में 11 से 17 सितंबर तक होगा। इसमें 160 से अधिक देशों के युवा प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागी शामिल होंगे। आयोजन के दौरान शिक्षा, सतत विकास, डिजिटल नवाचार, संस्कृति, युवा नेतृत्व और सामाजिक बदलाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वैश्विक स्तर पर संवाद होगा।

शैलेंद्र कुमार इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के ग्रामीण विकास, युवा नेतृत्व और अपने जमीनी सामाजिक कार्यों के अनुभव साझा करेंगे। मुख्य आयोजन के बाद 18 से 22 सितंबर तक वे सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित क्षेत्रीय कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे, जहां सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक युवा संवाद में भागीदारी करेंगे।

सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही है भूमिका

शैलेंद्र कुमार छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े रहे हैं। उन्होंने साक्षरता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और कोविड-19 जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है। वर्ष 2020-21 में उन्हें राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें सम्मानित किया था।

ग्रामीण परिवेश से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर

शैलेंद्र कुमार की यह उपलब्धि उनके ग्रामीण परिवेश, पारिवारिक संस्कारों और वर्षों से जारी सामाजिक सेवा की यात्रा का परिणाम है। उनका शुरुआती जीवन गया जिले के खुखड़ी गांव में बीता। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय, खुखड़ी से प्राप्त की। इसके बाद आदर्श मध्य/उच्च विद्यालय, खुदई से आगे की शिक्षा हासिल की। उन्होंने जगजीवन कॉलेज, गया से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और मगध विश्वविद्यालय, बोधगया से उच्च शिक्षा प्राप्त की।

शैलेंद्र बताते हैं कि समाज सेवा की प्रेरणा उन्हें अपने परिवार से मिली। उनके पिता राजाराम साव लंबे समय से रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की मदद करते रहे हैं और अब तक 20 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं। सेवा और जनहित की इसी भावना ने शैलेंद्र को कम उम्र में ही सामाजिक कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

खुखड़ी गांव की पगडंडियों से निकलकर रूस के वैश्विक युवा मंच तक पहुंचना शैलेंद्र कुमार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनके चयन पर परिवार, शिक्षक, सामाजिक संगठनों और क्षेत्र के नागरिकों ने खुशी जताई है। लोगों का कहना है कि शैलेंद्र की यह उपलब्धि गांव और क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।