यूपी एफडीआई नीति के तहत उन्नाव में ₹2,078 करोड़ के निवेश से ’क्राउन पैकेजिंग’ के पहले भारतीय प्लांट का भूमिपूजन’

लखनऊ (SHABD) :उत्तर प्रदेश सरकार की आकर्षक एफडीआई (FDI) नीति 2023 के सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं। वैश्विक पैकेजिंग दिग्गज ‘क्राउन होल्डिंग्स‘ की भारतीय इकाई ‘क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड‘ ने बुधवार को उन्नाव स्थित ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर‘ (IMLC) में अपने पहले ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन विनिर्माण संयंत्र का भूमिपूजन किया। 2,078.44 करोड़ रूपये के कुल निवेश वाली यह परियोजना भारत में क्राउन होल्डिंग्स का पहला विनिर्माण संयंत्र है।

उन्नाव आईएमएलसी के प्लॉट नंबर 4 पर लगभग 40 एकड़ में स्थापित होने वाला यह अत्याधुनिक संयंत्र देश के तेजी से बढ़ते पेय पदार्थ (Beverage) उद्योग की मांग को पूरा करेगा। इस परियोजना से 200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन, रखरखाव और स्थानीय आपूर्तिकर्ता नेटवर्क (Vendor Network) के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर नए अवसर पैदा होंगे।

भूमि पूजन समारोह में औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी ने कहा, प्रदेश में केवल तेजी से फैक्ट्रियों का पंजीकरण ही नहीं हो रहा हैं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। उन्नाव में क्राउन की यह परियोजना इसका एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम पर बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

उन्होंने कहा, “हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने की दिशा में सही रास्ते पर हैं।” उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां प्रदेश की 36 से अधिक क्षेत्रीय नीतियों और प्रोत्साहनों का लाभ उठा रही हैं।   क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का गठन मार्च 2026 में हुआ था। यह क्राउन होल्डिंग्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और इसका पंजीकृत कार्यालय लखनऊ में है। परियोजना का मूल्यांकन उत्तर प्रदेश की एफडीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों के लिए निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत किया गया है।

संयंत्र की प्रारंभिक स्थापित क्षमता 116.2 करोड़ कैन प्रतिवर्ष होगी, जिसे बढ़ाकर 178.6 करोड़ कैन किया जा सकेगा। पहले वर्ष में करीब 67 करोड़ कैन के उत्पादन का अनुमान है, जो नौवें और दसवें वर्ष तक बढ़कर लगभग 170 करोड़ कैन प्रतिवर्ष हो जाएगा। उत्तर प्रदेश में ऐसे बड़े निवेश औद्योगिक आधार को विस्तार दे रहे हैं। विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों के साथ रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा भी मजबूत हो रही है।

भूमि पूजन समारोह में अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) श्री दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना व औद्योगिक विकास श्री आलोक कुमार, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ श्री मनोज कुमार सिंह और इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ श्री शशांक चौधरी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। क्राउन होल्डिंग्स की ओर से ईवीपी एवं सीओओ श्री दजल्मा नोवाएस जूनियर और प्रेसिडेंट, क्राउन बेवकैन ईएमईए श्री मार्क केचेसन ने हिस्सा लिया।