
रायपुर, 05 अगस्त 2026 :मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं को आमजन तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुंचाने की दिशा में लगातार उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। इसी कड़ी में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सेवा सेतु केंद्र में कार्यरत वीएलई (Village Level Entrepreneur) श्री निर्दोष लकड़ा ने वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के टॉप ट्रांजैक्शन वीएलई बनने का गौरव प्राप्त किया है।
रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने श्री निर्दोष लकड़ा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने में उनके उत्कृष्ट योगदान की सराहना है।
वर्ष 2025-26 के दौरान श्री निर्दोष लकड़ा ने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 13,912 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल बलरामपुर-रामानुजगंज जिले को गौरवान्वित किया है, बल्कि प्रदेश में डिजिटल सुशासन की दिशा में एक नई मिसाल भी स्थापित की है।
जिले में सेवा सेतु पोर्टल के प्रभावी संचालन के कारण अब ग्रामीण नागरिकों को आय, जाति, निवास, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र सहित अनेक शासकीय सेवाओं के लिए बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। सेवाएं अब स्थानीय स्तर पर ही सहज, पारदर्शी और निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध हो रही हैं।
निर्दोष लकड़ा ने तकनीक का प्रभावी उपयोग, कार्य के प्रति समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ हजारों ग्रामीण परिवारों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की है। उनका सेवा केंद्र ग्रामीणों के लिए केवल एक सुविधा केंद्र नहीं, बल्कि भरोसेमंद समाधान का माध्यम बन चुका है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद श्री निर्दोष लकड़ा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि तकनीक के माध्यम से प्रत्येक नागरिक का जीवन आसान बनाना है। उन्होंने कहा कि जब लोगों का समय और संसाधन बचते हैं तथा उन्हें बिना किसी परेशानी के सेवाएं मिलती हैं, तभी डिजिटल भारत और सुशासन का उद्देश्य साकार होता है।
बलरामपुर जिले में सेवा सेतु पोर्टल का प्रभावी क्रियान्वयन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सुशासन एवं डिजिटल सेवा विस्तार की मंशा को धरातल पर साकार करने का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है।
