प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से छोटे कारोबारियों को मिल रहा संबल, सीमित पूंजी की बाधाएं हो रहीं दूर

रायपुर, 22 जून 2026 : प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना प्रदेश के रेहड़ी-पटरी एवं छोटे व्यवसाय से जुड़े लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के माध्यम से बिना बड़े वित्तीय संसाधनों वाले छोटे कारोबारियों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में हजारों हितग्राही इस योजना का लाभ लेकर अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहे हैं।

इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत ग्राम झलपी निवासी श्री भागवत गुप्ता की कहानी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत करती है। सब्जी विक्रेता के रूप में परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्री भागवत गुप्ता को सीमित पूंजी के कारण व्यवसाय संचालन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पर्याप्त मात्रा में सब्जियों की खरीद नहीं कर पाने से उनकी आमदनी भी सीमित रहती थी, जिससे परिवार के दैनिक खर्चों का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो जाता था।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया और योजना के तहत 25 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने व्यवसाय में पूंजी बढ़ाने, अधिक मात्रा में सब्जियों की खरीद करने तथा कारोबार का विस्तार करने में किया। इसके परिणामस्वरूप उनकी आय में वृद्धि हुई और व्यवसाय पहले की अपेक्षा अधिक व्यवस्थित एवं बेहतर ढंग से संचालित होने लगा।

श्री भागवत गुप्ता बताते हैं कि योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उनके जीवन में नया विश्वास जगाया है। अब वे अधिक मात्रा में सब्जियां खरीदकर बिक्री कर रहे हैं, जिससे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना आसान हुआ है और भविष्य को लेकर उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को सुलभ ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिल रही है। प्रदेश में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन छोटे व्यवसायियों के जीवन स्तर में सुधार और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।